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नमस्कार आप सभी को चौधरी अक्षर ज्योतिष :

नमस्कार आप सभी को चौधरी अक्षर ज्योतिष :
जगदीश भाई चौधरी

रविवार, 27 फ़रवरी 2011

{ बंस को डुबोने बाला मकान }


                         : मेरे प्रिय दोस्तों :
                                            बंस डुबोने बाला मकान :के बिसे में आप सायद   नही जानते  होगे :     
                                  में आज बो बात बताने जारहा हु :जो शायद  आपने नही सुनी होगी : मेरे प्रिय दोस्तों :
                              आगे से जादा  चोडाइ बाला मकान  और पीछे  से कम चोड़ाई बाला मकान जो होता है
            वो मकान बंस डुबो ने बाला मकान होता है :महर बानी कर के एसा मकान  कभी भी भूल से भी न बनाए :
                  और न एसा कोई पिलोत ख़रीदे :क्यों कि बंस के साथ साथ घर का सर्ब नास करता  है :
                                    लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
                                                      फोन न .919904271497

{;क्या आप सनी की साड़ेसाती से परे शान है }


                                                                       :प्रिय दोस्तों :
सभी ज्योतिषियों कहना है:
 कि सनी की साड़े शाती इन्शान की जिन्दगी में तीनबार आती है :
सबसे पहले बचपन में
:दूसरी जवानी में :
 और तीसरी बुदापे में :
बचपन की साड़े साती खास असर नही करती :
बच्चो पर :
जवानी की साड़े साती कुछ नही छोडती
इन्शान को तवाह कर देती है :
और बुदापे की साड़े साती
इन्शान को ही नही छोडती :
क्या ये सच है :
अक्षर ज्ञान ज्योतिष :के हिसाब से
 सनी की साड़े साती होती ही नही है :
अगर सनी की साड़े साती होती hai ::तो
 इन्शान को साड़े सात साल बाद तो
राहत मिलती मेने अपने जीवन में ऐसे इन्शानो को देखा है :
जो बचपन से लेकर बुदापे तक दुःख उठाते देखा है :
उस की  जिन्दगी में साड़े साती उतरी ही नही है  
:ये केसी साड़े साती है  :
अगरआप ऐसी किसी  सनी की साड़े शाती से परेशान है
 :या सनी की ढइया से हेरान है :
तो घबराओ नही :
 अक्षर ज्ञान ज्योतिष में इस का उपाय है :
क्यों कि अक्षर ज्ञान ज्योतिष ऐसी किसी साड़े साती को नही मानता :
क्यों कि अक्षर का सुर इन्शान को बर्बाद करता है
अधिक जान कारी के लिए
 मेल करे या फोन करे :
लेखक :जगदीश भाई चौधरी :फोन न 919904271497  :
फ्री सेवा है  सभी के लिए :

{} अक्षर ज्योतिष {}


चौधरी अक्षर ज्योतिष एक इसी ज्योतिष है जो सब से अलग है :
ये अक्षर के ज्ञान से बनी ज्योतिष है:
 इस अक्षर ज्योतिष में सब से पहले देखा जाता है:
 इन्सान का नाम :
फिर  माता पिता का नाम ::
और फिर बीबी और बेटे का नाम:
 इन सब के नामो के अक्षरो को मिलाके भविष्य कहा जाता : hai
ये अक्षर ज्योतिष  में अक्षरोंको  मिलाने के बाद फिर अक्षरों का सुर देखना    पड़ता है :
उस के बाद ये देखना पड़ता है :
कि कोनसा अक्षर कोनसे अक्षर को  मार रहा है
 फिर ये भी देखना पड़ता है :
कि किसका अक्षर किसके अक्षर को  मार रहा है
एसी कोंसी बजए है जो घर में मुसीबत आई है :
और किस तरह की  मुसीबत आने बाली है
 इन अक्षरों से पता पड़ता है :और ये जानना जरूरी है :
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                                             {  मुसीबत क्यों आती है }
                                       ..........................................................      
मुसीबत आने के कारण ये है
कही आप का नाम दिसा सुर तो  नही है
:कही आपको जन्म जात दोस तो नही है :
कही आपका मकान दोस तो नही है
 कही आपका मकान दिशा सुर टी नही है :
कही आप को नारी दोस तो नही है
:कही पुत्र दोस तो नही है :
कही देव दोस तो नही है :
कही आप को पितृ दोस तो नही है :
कही आप को नगर दोस तो नही है :
ये सबकुछ पता चलता है :
आपके नाम के अक्षरों से और अधिक जानकारी के लिए :
...........................................................................................
रूबरू मिले :पता :
हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा पंच महल गुजरात {  इण्डिया :}
या सम्पर्क करे facebook .com
 पर या मेल करे
chiraglunawada@yahoo.com  पर
या फोन करे
 919904271497
 लेखक ज्योतिषी
 जगदीश भाई चौधरी :
                      :  फ्री सेवा सभी के लिए :


{: अक्षर ज्ञान ज्योतिष फायदा :}

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अक्षर ज्ञान ज्योतिष फायदा }
अक्षर ज्ञान ज्योतिष में आप पाओगे अपने जीवन का लेखा झोखा
एक बार अक्षर ज्ञान आप की समझ में आ गया
मानो आप ज्योतिषी होगये :
अक्षर ज्ञान के अन्दर आपको कभी भी पंचाग की जरूरत नही पड़ेगी :
पहला फायदा तो यह है :
दूसरा फायदा आप जन्म तारीख जरुरत नही पड़ेगी
तीसरा फायदा अक्षर ज्ञान ज्योतिष से यह है:
 कि आप किसी तांत्रिक के चक्कर में नही आओगे
चोथा फायदा :आप के उपर किसी भी प्रकार की मुसीबत नही आयेगी :
पाँचवा फायदा :आपका कुटुम हमेसा के लिए आबाद ही रहेगा :
छट माँ फायदा :सूर्य :मंगल :बुध :गुरु :शुक्र :सनी :राहू :केतु :पियुटो:नेप्चून :जो भी ग्रह है :
आप का कुछ नही बिगाड़ सकते :क्यों कि अपने जीवनमें इनकी कोई जगह ही नही है :
ये सब एक अन्धबिस्वास है :{{सच है तो अपने नाम के अक्षर }}.................
क्यों कि अपने नाम के जो अक्षर है वो ही अपने जीवन का रोड है :
और ये सरीर हमारी जिन्दगी का ड्राईवर है:
हमे अपनी जिन्दगी को उसी तरह से जीना है:
जिस तरह के अक्षर हमारे सरीर को मिले है ::
हमारे सरीर के नाम के जीवको वही सुख और दुःख मिलेगे जो नाम के अक्षर है :
आप के नाम के कोण से अक्षर है और वो आप के जीवन को किधर लेकर जारहे है :
ये जान ने के लिए या तो
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 रूबरू मिले :या  फोन करे
 {919904271497 } या मेल करे : chiraglunawada@yahoo.com
: अक्षर ज्ञान के लेखक :
{ जगदीश भाई चौधरी } { ज्योतिष चार्ज फ्री सेवा है }
पता :हेनी गारमेंट :परा बाजार लुनावाडा :पंच महल :गुजरात :इण्डिया :
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[:बारह गुणा नो = 108 का राज क्या है जानो :}


123456789 :अंक
 एक से नो तक होते है :अब देखते कि  एक सो आठ का क्या राज है :
[1] अ आ इ ई उ ऊ ऐ ऐ ओ ऑ अं अ: ये {१२} सुर है :9 :से गुणा  करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
[2] और एसे ही सरीर के अंग है बारह  {१२ } </span>:को 9 :   से गुणा करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
[3] और एसे ही आकाश में ग्रह है बारह {१२ }को   :9 :से गुणा  करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
[4] भारत में शिव जी के ज्योतिलिग़ है बारह १२ }को :9 :से गुणा  करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
[५]भगवान् विष्णु जी के अबतार है बारह  १२ }को   :9 :से गुणा  करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
[6] एक साल के महीने होते  है बारह   १२ } को  :9 : से गुणा  करो तो  जबाब  आयेगा  ( 108 }
[7] रंग मुख्य  होते है बारह .......... १२ }  को :9 :  से गुणा  करो तो  जबाब  आयेगा ( 108 }
[८] ज्योतिष के हिसाब से राशी होती है बारह १२ }को  :9 :से गुणा करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
[९] होमोपेथिक में मेंन  दवा होती है बारह  १२ }को   :9 :से गुणा करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
[१०] एक  दिन  के  घंटे  होते  है  बारह  ;१२ }को   :9 :से गुणा करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
[11]  एक रात  के  घंटे  होते  है  बारह : १२ }  को :9 :से गुणा करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
[१२] जन्म  कुंडली  में  खाने  है  बारह : १२ }  को :9 :से गुणा करो तो जबाब आयेगा ( 108 }
    [:बारह गुणा नो = 108 का  राज  आपको केसा लगा है ;हमे आप  मेल कर के जरुर बताये :
   [इन से बनी है हमारी ज्योतिष :अक्षर ज्तोतिश :इस अक्षर ज्योतिष में आपको और भी बहुत कुछ  जान्ने मिलेगा :
आप की राय हमे जरुर देते रहे :और  आपको अक्षर ज्योतिष से लगी कोई भी जानकारी चाहिए तो हमे मेल करे या
फोन करे  हमारा फोन नम्बर है ; 919904271497
                                      लेखक :जगदीश भाई चौधरी }

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{ चौधरी अक्षर ज्योतिष सीखे }


                                                                                        
                                                                         चौधरी  अक्षर  ज्योतिष  सीखे  :
                                                               मेरे प्रिय दोस्तों :
हमारे या  आपके यहाँ  या संसार के किसी भी घर  में जब बच्चा पैदा होता है :तब हम उस बच्चे का  नाम कर्ण करते है :
किसी के समाज 6 दिन बाद और किसी समाज में 10   दिन बाद :किसी में सबा महीने बाद :
नाम कर्ण करने में हम अपने  महमानों को बुलाकर पंडित जी के दुवारा नाम कर्ण करते है :
मगर नातो आपके महमान जानते है :बच्चो के नामकरण के बारे में :और नाही पंडित जी जानते है :
कि नाम,कर्ण सही तरीके से  केसे होता है :वो भी आपको उतना ही बता सकते है :
जितना पंचाग बताता है चंद्रमा के हिसाब कि .चंद्रमा कोण से घर में है :
उसके हिसाब से नाम का पहला अक्षर बताते है :और उसके बाद आप और हम उस बच्चे का नाम रखते है :
                       .............. {उधारण के तोर पर }......... ..

पंडित जी :ने मकर राशि बताई और  :ख :ज :अक्षर बताये :तो पंडित जी दो अक्षर बताये है :
और बाकी के अक्षर घर बालो ने उमर कर बच्चे का नाम सब ने {जगदीश } रख दिया  है :
एक अक्षर पंडित जी ने बता दिया और बाकी के अक्षर घर बालो ने उमर दिए :
 {जगदीश }नाम सब को बहुत प्यारा लगा :क्यों कि {भगवान विष्णु जी }का एक नाम जगदीश है :
भगवान का नाम तो सबको प्रिय होता ही है इसी लिए बच्चे का नाम जगदीश रख दिया :
न तो घर वाले ही जानते है और नहीं कोई पंडित जी पूछते है के{ ज} के बाद जो {ग }आता है
क्या वो सही है {ग} के बाद {दी} आता है क्या वो सही है और {दी} के बाद {श} आता है क्या वो सही है
बस भगवान का  नाम समजकर रख दिया
आपने कभी ये  जानने की कोसिस नहीं कि वो जगदीश ने कोण से वार को अबतार लिया था :
उनका अबतार लेने का समय कोन सा था :
महिना कोन सा था
दिन कोन सा था
बार कोन सा था
वो समय कोन सा था वो घड़ी कोन सी थी
ये तो आपने नही जाना और बच्चे  का नाम जगदीश रख दिया :
और नाही आपको अक्षर ज्ञान है :
तो फीर बच्चे का नाम जगदीश केसे रख दिया :
एक जगदीश को हम ने डॉक्टर बनते देखा है :
एक जगदीश  इंजीनियर  है
एक जगदीश बकील है एक जगदीश करोड़ पति है :
एक जगदीश रोड पति है :
एक जगदीश अनाडी है :
एक जगदीश भिकारी है :
ऐसे ही नाना प्रकार जगदीश भारत भरे पड़े है :
आज अगर में जगदीशो के बारे में लिखता  रहा तो :
दुनिया में एक और जगदीश ग्रिन्थ बन जाएगा :
मगर जगदीश का इतिहाश खतम नही होगा :
मेरा आपसे यही कहना है :
कि इस तरह से बच्चो के नाम कर्ण नही होता :
बच्चो का नाम कर्ण करने के लिए अक्षर ज्ञान होना बहुत जरुरी है :
नाम कर्ण करने के लिए आपको चाहिए इन कि जानकारी :
{१]अक्षर ज्ञान :
{२} सुर ज्ञान :
{३}दिशा का ज्ञान :
{४} ये तीनो ज्ञान पूरी तरह से आने चाहिए :

फिर आप नाम कर्ण  कर सकते है
 ...........................................................................................................................
                               अधिक जानकारी के लिए फोन करे 919904271497



                                          लेखक :जगदीश भाई चौधरी :

{}: अपने पित्रू ओ को हम मोक्ष केसे दिलाये :{}


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 अपने पित्रू ओ को हम मोक्ष  केसे दिलाये :

  मेरे  प्रिय दोस्तों  :पित्रू ओ को मोक्ष   दिलाना किसी { यज्ञ से कम नही होता :}
  पित्रू  दोस की बिधी बहुत ही  सादा तरीके से  होती है
 :कोई खास खर्चा नही होता :बस इतना करे
 कि आप किसी अच्छे इस्थान पर जाकर ये विधि कर सकते है :
 जेसे  कि गंगा जमुना या त्रिवेणी संगम में ये विधि की जा सकती है :
 अथवा तो :{ गया जी :कासी : इलाहवाद :हरिदुवार :कुरछेत्र:में होती है :
  इनमे से किसी भी घाट पर जाकर ये विधि करे :और ये विधि समुन्दर के
 घाट पर भी कर सकते है :
[याद रहे ये विधि बुधवार को करे ";या फिर अमावस्या को करे :}
 {बाकी के दिनों में ये विधि नही होती :}


                   {पित्रू  दोस की विधि की  सामिग्री }


 एक किलो दोसो पचास ग्राम  जो का आटा { 1 . 250 ग्राम }

 और इतना  ही दूध   ले :    { 1 . 250 ग्राम }

 नही   तो गंगा जल ले ले :

 और { 54} पिंड बनाये :एक थाली में {54 } पिंडो को रखले :

और सभी पिंडो को चन्दन से तिलक करे :

फिर गुलाव के फुल तल चावल उन उपर चदाये

 और किसी भी घाट पर जाकर आसन बिछा कर बेठे :

पलाठी लगाकर :

फिर बारह वार ये मन्त्र बोले :

{ मन्त्र }>सदा भवानी दाहिनी :गोरी पुत्र  गणेश :}

पांचो देव मेरी रक्षा  करो  ब्रह्ममाँ विष्णू महेश :}

उस के बाद माता गंगा जी  का आहवान करो :
माता गंगा जी का { मन्त्र }माफ़ करे {में लिख नही सकता इसी लिए में अपना मोबायल नंबर लिख रहा  हु :
फिर मुझे फोन करे :919904271497 :फोन कर ने के दो पाच मिनट बाद वहा माता गंगा जी का आहवान :
होजायेगा और आपको वहा माता गंगा जी दिखने लगेगी :उनके आनेका आभास आपको जरुर होगा :
अगर आप गंगा घाट पर नही है तो
 महर वानी कर के हमे एक दो  दिन पहले कहना होगा :कि कल हमे  पिंड दान करने जाना है :
 दर पिंड दान करते समय जो आप को बोलना है वो में आपको फोन पर ही बता दूंगा :
फिर श्री गणेशाय बोलकर पिंड दान सुरु करे :

                            {}ध्यान रहे {}जो
पिंडो के में नाम लिख रहा हु :और उनमे से कोई हाजिर है तो उस इन्शान का नाम निकाल कर :
उनका नाम लिखे जो हाजिर नही है :

{१}गुरु जी का

{२}गुरु माता का

{३}भगवान श्री  व्रह्म्मा, जी को अरपित करे और

{4}  माता स्वरसती

{५}  विष्णू जी का

{६]लक्ष्मी जी का

{७}सिव जी का

{८}पार्वती जी का

{९}कुल देव का

{१०}कुलदेवी का

{११}कुल गुरु का

{12} कुल गुरु माता का

{13}पिता जी
{१४}माँ का
{१५}दादा जी का
{१६}दादी जी का
{१७}नाना जी का
{१८ननि जी का
{१९}काका जी का
{२०}काकी जी का
{२१}भाई  का
{२२}बहन का
{23.24 }<span>मामा</span> मामी
{२५.२६ }माशा माशी
{२७.२८ }पर दादा और पर दादी का
{२९}अपने पालतू जानवर का गाय
{३०} बेल
{३१.३२ }भेस भेसा
{३३.34}कुत्ताकुतिया
{३५.36}घोडा घोड़ी
{३७}जो जीव आप मकान बनाते समय हत्या हुई है उनका
{३८}आपके चलते समय होई कार्य करते समय जीव ह्त्या हुई है उनका
{३९}आपने जान बुझ कर मारा  है उनका
{४०}जो पेरो पर चलते है वो
{४१}परों से उड़ते है वो
{४२}जो पेट के बल से चलते है वो
{४३}जमीन में से उगते है वो
{४४}पूर्व दिशा में रहते है वो
{४५}पछिम दिशा में रहते है वो
{४६}उत्तर दिशा में रहते है वो
{४७}दछिन दिशा में रहते है वो
{४८.49 }अपने  पिछले जन्म के माता पिता को पिंड दान करे
{५०}अपने पिछले जन्म के सह पूर्वज को पिंड दान करे
[५१}इक्यावन माँ पिंड :प्रीत य्योनी में रहते वो
{५२} देव य्योनी में रहते है वो
{53}धरती के निचे रहते है वो
{५४}धरती से उपर रहते है वो :
ये सभी पिंड दान बहुत ही सांति के सांति के साथ करे :
अपने पंडित जी के साथ कराये तो बहुत ही अच्छा रहिगा :
कोई भी कारण बस अगर कुछ पिंड आपके पास बचते है :
तो आप एक पिंड लेकर ये मन्त्र बोल कर पिंड दान करे :
                       { मन्त्र }
{१}गुरु व्रह्म्मा गुरु विष्णु गुरु महेश राय :
{२}माता स्वरसती माता लक्ष्मी माता महेश्वरी :
 इन   { मन्त्र }को बोलकर पिंडो को पूरा करे :
जो दूध या गंगा जल आपके पास है वो वही गंगा जी में
चदाये और अपने घर चले जाए  पीछे मुड  कर न देखे :
अपने घर की छत पर सात बुध वार एक अगरबती लगाये :
भगवान की क्रपा से आपके सारे काम पुरे होंगे
                     {} जय  माता की  {}
            आपके अपने जगदीश भाई चौधरी :
           फोन : 919904271497 :

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    • Nandu Gaikwad Aape ka Bahut hi Dhanyavad kyo ki aap meze derse lekin sahi vakat par mile agar isse pahile milte to ? phir bhi kuch der nahi hui hai kahate hai na bhagwan ke ghar der hai lekin andher nahi hai very thank you mr jagdhihji very thank you !!!!!
      24 जनवरी को 15:58 बजे ·
    • Chaudhry Jyotish is me dhanybaad kee kyaa baat hai nandu jee meraa to ye visey hai
      iswar aapko or aapke pariwaar ko hamesa khush rkkhe
      iswar se yhi duaa hai :
      24 जनवरी को 16:15 बजे ·
    • Nandu Gaikwad mera bhagya hai ki muze aap jaisa ek acchha dost mila
      24 जनवरी को 16:20 बजे ·
    • Chaudhry Jyotish
      nandu jee hme aapne sewa ka moks diya me aapka hmesa abhari
      rhuga is akshr jyotish ke baare me aap apne dosto ko bhi bataaye
      kyo ki hmaara maksd hai hr ghr me se dukhko ukhadke fek dena hai
      bhart me koi ghr dukhi nhi honaa chahiye ye hamaar...a maksd hai
      jo tv par or peparo me aata hat ki 2012 me duniya khatm hojaayegi
      esaa kuchh nhi hogaa aap jitni jaldi jaada logo ko bataaye utnee
      jaldi logo ke ghr aawaad hoge :
      jay mata ki
      और देखें
      24 जनवरी को 16:44 बजे ·
    • Nandu Gaikwad Dont Afrad of 2012
      25 जनवरी को 14:54 बजे ·
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{} अक्षर और बिमारी अ इ उ ए ओ अं {}


अं          इ            उ            ए            ओ               अं                                                  अ     इ    उ      ए     अं =
हवा      पानी     अग्नि         अन्न      आकाश         प्रथ्वी                                               क     ख    ग     घ     ङ =
 इन सब से हमारा  सरीर चलता है :इन में से कोई भी चीज की कमी हमारे सरीर  को  :          च    छ    ज     झ     ञ =
वीमार कर देती है और हम रोगी होजाते है :कभी हम डोक्टर के यहा चक्कर लगाते है :           ट    ठ      ड     ढ      ण =
तो कभी हम ज्योतिषियों के यहा तो कभी हम भोआ ओ के यहा कभी हम त्रिन्तिक के :           त    थ    द       ध     न =
 यहा चक्कर लगाते है मगर फीर भी हमे कोई फायदा नही मिलता है तो हम हार करके :         प    फ    ब      भ     म =
 डॉक्टर की बात मान कर हम हमेश के लिए दवा चालू कर देते है : और दवा खाखाकरके :      य     र    ल      व    
हमारा सरीर सरीर न रहकर मेडिकल स्टोर बन जाता है                                                     श    ष    स      ह
      {}अब हम आपको बताते है  {}                                                                              क्ष    ज्ञ   त्र
      {}  अक्षर और बिमारी के बारे में {}
1} :अ :अगर आपके नाम में दुसित है या आ :की महात्रा आपके नाम में दुसित है :
तो या फीर {आ }के अक्षर आपके नाम में दुसित है तो ::
हवा से लगती हुई बिमारी आपको लगजायेगी :जेसे कि लकवा पेट में गेस :
बादी कब्जी मुटापा नाक बंद सर्दी खासी स्वास ब्लड पेसर :हाई या लो :
हो सकता है और गुस्सा बहुत आसकता   है और  भी हवा से लगती हुई बिमारी इन लोगो को हो सकती है :
                {}  ये बिमारी कब और केसे लगती है {}
आ }के अक्षरों पर {इ }या {उ} या {ए }या {ओ }या {अं }की महात्रा लगजाये तो ::
या इन अक्षरों का आधा अक्षर लगजाये तो :या बंद सुर हो तो  इन इन्शान  को ::
बीमारियों का सामना करता है ::
अगर आप आ  अक्षर बाले इन्शान है और आपको इसी  किसी बिमारी ने ::
घेर रक्खा है तो :फोन करे :फ्री सेवा है सभी के लिए :
फोन .न .919904271497 फोन करने का समय सुबह ११ से साम के ६ बजे तक
 :
                    {}हमारे किसी भी नोट की नकल करने पर  क़ानूनी कर्यबाही की जाएगी {}
                    {}हमारे सारे नोट कोपी रायत केए हुए है :{}

                       {}   लेखक :जगदीश भाई चौधरी   {}


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    अक्षर और बिमारी भाग { 2 }इ दुसित है तो


    अ     इ    उ    ए   अं =
    क  ख     ग     घ   ङ =
    च  छ    ज    झ   ञ =
    ट  ठ      ड     ढ     ण =
    त  थ    द     ध    न =
    प  फ    ब      भ    म =
    य  र    ल    व    
    श  ष    स     ह
    क्ष  ज्ञ   त्र
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

    इ अगर  आपकी दुसित है :
    या इ की महात्रा आपके के नाम में  दुसित है:
     या इ के अक्षर आपके नाम में दुसित है :
    तो पानी से लगती बिमारीयो का सामना आपको करना ही  पड़ेगा :
    जेसे  ki   सरीर में पानी की कमी रहेगी पानी से लगती बिमारी आपको लगती रहेगी
    टायफोड़ :जोंडिस :पीलिया :मल खुसक:एसिडिटी :कब्जी पानी में दूवना :सर्दी :
    खाशी जुकाम :लगेही रहेगे :
    इ   के अक्षरों पर आ  की महात्रा बहुत ही अच्छी होती है :
    बाकी के अक्षरों की महात्रा इ के अक्षरों पर नुकशान  दायक  होती है
    बच्चे का नाम कर्ण करते समय  इस बात का  जरुर ध्यान रक्खे :
    इ की महत्रा आ के अक्षरों पर बहुत बुरा असर करती है ;
    अगर आप इ के अक्षर बाले है और आप इसी किसी बिमारी से परेशां है :
    तो घबराए नही फोन करे  और इ के योग से अपनी बीमारियों से
    हमेशा के लिए छुटकारा पाए :
    ...............................................................................
    लेखक जगदीश भाई चौधरी
    फोन न 919904271497

                            
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    {} अक्षर योग साधना की समझ {} भाग { 1 }


    अ     इ     उ     ए   अं =
    क    ख     ग    घ    ङ =                        
    ट    ठ      ड     ढ    ण =  
    त    थ    द     ध    न =
    प   फ    ब     भ    म =
    य    र    ल     व     = =
    श   ष    स     ह      ==
    क्ष   ज्ञ   त्र  ======       
    ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::
    अक्षर योग और साधना  :आपने  अपने  जीवन सायद पहली बार सुना होगा :
    जब किसी चीज की पहली बार खोज की जाती है तो नया ही लगता है  :
    अक्षर योग और साधना की खोज पृथ्वी पर पहली बार की गयी है  :
    अक्षर योग और साधना मानव के लिए राम बाण की तरह है  :
    अक्षर योग साधना एक इसी साधना है :
    जिस से इन्सान ओने जीवन को सफलता की और लेके जासकता है :
    .........................................................................................
    अक्षर योग और साधना को मेरा नेट पर लिखने का कोई इरादा नही था :
    मगर कोगो के प्यार ने और उनके बिसबास ने :
    मुझे लिखने पर मजबूर ;कर दिया :
    कि में अक्षर योग और साधना के बारे में लिखू  :
    में अक्षर योग साधना के बिसे में लिखने से पहले :
    में आपको कुछ सावधनिया बताऊगा जो आपको बरतनी होगी :
    आपको अपनी मर्जी से अक्षर योग अथवा साधना नही करनी है :
    क्यों कि आपकी अपनी मर्जी से किये गये योग साधना :
    आपको काफी हानि पंहुचा सकती है :
    इसी लिए ये अक्षर योग साधना बहुत ही सोच समझ के कि जासकती है :
    जिस तरह सी लिखा गया है :
    आप  उसी तरह से योग सुरु करे :
    .................................................................................
     सुरु करने से  पहले आपको हमे फोन कर के  बताना :
     होगा  कि आप अक्षर योग क्यों करना कहते है :
                    फोन न 919904271497
    ..................................................................................
    अक्षर योग  साधना सुरु कने से पहले आप अपने सरीर को :
    स्वछ करे :जेसे कि सुबह कुल्ला दातुन करने के बाद :
    और सामको खाना खाने से एक घंटा पहले :
    इस योग को किया जासकता है :
    ...............................................................................
    अक्षर योग और साधना अपने नाम के हिसाब से कीया जाता है :
    सभी को एक तरीके से नही करना है :
    ......................................................................
    अक्षर योग आपको करना क्यों है   :
    { ! } क्या आप कोई असादय रोग से परेशान है :
    { २ }क्या आपका धंदा नही चलरहा है :
    { ३ }क्या आपको धन्दे में हानि होरही है :
    { ४ }क्या आपको नोकरी नही मिल रही है :
    { ५ }क्या आपके हाथो में जस नही है :
    { ६ }क्या आपका पड़ाई में मन नही लगरहा है :
    {७ }क्या आपको भूलने की बिमारी है :
    {८ }क्या आप अपने सरीर की ऊर्जा सकती बडाना चाहते हो :
    {९} क्या आप अपने ईस्ट देव को मनाना चाहते हो :
    {१०} क्या  आपका   भक्ति में मन नही लगता :
    {११}क्या आपकी बात किसीको अच्छी नही लगती :
    {१२}क्या आपको गुस्सा बहुत आता है :
    ....................................................................
    {१३}क्या आप कुदरती सकती पाना चाहते हो
     ये पारवारिक इंशानो के लिए नही है :
    संत फकीर बाबा सन्यासीयो के लिए है :
    या फिर आप घर से मुक्त हो और :
    आपकी उम्र {50 } से उपर होनी चाहिए :
    .....................................................................
    इतने प्रकारों में से आपको किस की जरूरत है :
    उसीके हिशाब से आपको अक्षर योग बताया जाएगा :
    अक्षर योग आपके नाम और आपकी उम्र के हिसाब से :
    किया जाता है :
       लेखक :जगदीश भाई चौधरी :}
               {    फोन न 09904271497    }
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    आओ हिंदी अक्षरों की पहचान देखे :जो आज तक दुनिया में कोई नही जानता वो चीज आज आप जाने :चौधरी अक्षर ज्योतिष का : भाग {1 }


    अ आ इ ई:ये नर योनी है :
    उ ऊ ए ऐ :ये पित्रू योनी  है :
    ओ ऑ अं अँ : ये देव  योनी है :
    ये तोनो योनिया नर रूपा है :
    इन में से {अ } ने तीनबार अवतार लिया है :
    {१] {अ }भगवान श्री  व्रिह्म्मा जी :
    {२}ऑ }भगवान श्री विष्णु जी :
    {३] अं }भगवान श्री महेश जी :
    क्यों कि ये तीनो एक ही रूप है
    ऐसे तीन बार अवतार {ई } ने  लिया है :
    {१} माता श्री स्वरसती जी :
    {२} माता श्री लक्ष्मी  जी :
    {३} माता श्री सक्ति   जी :
    ये तोनो  मानव   रूपा है :
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    बाकी की योनियो के  बारे में निचे पड़े :
    अ ई ऊ ऐ :ये {4}प्रिकार होते योनियों के :
    मानव में देखोगे तो भी चार प्रिकार होते है :
    नारी चार प्रिकार की होती है :
    <span>प्रित्रुओ </span>   में भी चार प्रिकार होते है :
    देवो में देखो तो चार प्रकार होते है :
    जानवरो में देखो तो भी चार होते है :
    उधारन के तोर पर में एक जानवर के :
    बारे में लिख  <span>रहा</span>  हु बाकी के अपने आप :
    सेट कर लेना क्यों कि समझ दार को इशारा काफी है:
           अ             ई                     ऊ              ऐ              {अं }
    {१]कुत्ता :{२}घोदुआ :{३}लकड़भग्गा :{४}भेडिया:
       { क }         { ख }              { ग }        { घ }........{.ड़ }.
         क ...........ख .............ग ..........घ ........ { ङ }
        च............ छ..............ज......... झ.........{ ञ }
       ट.............. ठ............. ड...........ढ.........{ ण }
       त............  थ............. द...........ध.........{.न }
      प.............  फ...........  ब.......... .भ..........{म }
      य.............. र ............ ल .........   व    
      श............  ष .............स............श्र ...........{}           
      ह.............क्ष............. ज्ञ ..........  त्र............{{}
     ये चारो का रूप एक ही है:
    जेसे जेसे अक्षर आगे बड़ते जाते है :
    वेसे वेसे ही जहर बड़ता  जाता है :
    ये सभी अक्षर अलग अलग योनियों के है ;
    आप किस योनी में से आये है :
    आप अपने नाम के अक्षर मिलाये :
    और उस अक्षर कि योनी मिलाये :
    आपका सुभाव जीस योनी से मिलता है :
    मानो आप उन योनी में से आये है :
    जब कोई जीव अच्छे काम करता है :
    तो उसे मानव योनी मिलती है :
    और जब मानव अच्छे कर्म करता है :
    तो उसे देव योनी मिलती है :
    जब देवलोक में देवताओ से भूल होती है :
    तो उसे भी उसी प्रिकार की योनी मिलती है :
    जिस प्रिकार की उस देव ने भूल की है :
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    मक्खियों में देखो तो भी चार प्रिकार होते है :
         {१}                   {२}             {३}               {४]
    {१}मक्खी : {२]मध् माखी  {३}:पहाडू माखी {४} ततैया :
        { क }              {ख }              {ग }                {घ }
    ये चारो का रूप एक ही है:
    जेसे जेसे अक्षर आगे बड़ते जाते है :
    वेसे वेसे ही जहर बड़ता  जाता है
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    हमने सिर्फ उधारन लिखे बाकी आप अपने नाम के आधार पर सेट करले :
    अगर अभी भी आपकी समझ में नही आरहा  तो हमे फोन कर के पूछ सकते है :
     हमारा नाम :जगदीश  भाई  चौधरी  :
    फोन न .919904271497 है  
     चौधरी अक्षर ज्योतिष :

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    आओ हिंदी के अक्षरों से अक्षर ज्योतिष सीखे और अपने घर परवार के खुश हाल बनाए भाग {१]


    ये छो {६] अक्षर बिज है : अ  इ  उ  ए  ओ  अं :
    और ये {६}अक्षर सुर  है :आ ई  ऊ  ऐ  ऑ  अँ :
    इन दोनों को मिलाकर {१२}अक्षर होते है  :
    मगर महात्रा {११}होती है :
    और इन अक्षरों की महात्रा भी बहुत बड़ी सकती है :
    ये बात अपने दिमाक में इस तरह से बिठालो कि :
    आपके जीते जी आपके दिमाक में से ये बात  :
    अपने जीवन में कभी भी नही निकलनी चाहिए :
    क्यों कि ये सभी अक्षर ही बिधि का बिधान है :
    ये अक्षर किसी  के बनाए हुए  नही है :
     ये इस स्र्सटी के रचेता ही ये है:
    इस ब्रह्म्माड के मालिक ये है :
    आकाश से लेकर पाताल तक सब इन में समाये हुए है :
    ये वो सक्ति है जो कण कण में समाई है :चोरासी लाख योनियों को :
    बना ने बाले   है ये
    चारो धर्मो के मालिक है ये : {चार धर्म  }
      {अ }   { ई }         {ऊ }        { ए }
    हिन्दू :  इसाई    :मुस्लिम :       सिख :
    इन चारो के ग्रिन्थ के बारे  में तो  <span>सारी दुनिया जानती है :</span>
    मेरा कने का मत लव ये है :कि
    जो कुछ है दुनिया में : है :वो ये है :
    अक्षर ज्ञान :आप सीखो और दुसरो को सिखाओ :
    सब के जीवन और मृत्यू के मालिक है :
    सुख और दुःख सब इनसे ही मिलते है :
    सभी जीवो  के कर्मो का हिसाव किताब ये रखते है :
    सभी योनियों को कर्मो के हिसाव से ये ट्रांसफर ये करते है :
    जेसा  जिस   का  कर्म  वेसी  उस   योनी :
    अक्षर  <span>ही</span>   देते  है इन्शान हो अमीरी गरीबी   :
    अपने जीवन में सुख  दुःख  हारी  बिमारी :
    सन्तान निसंतान बीबी बच्चे घर  परिवार :
    यही बनाते है हमे राजा और रंक    :
    जब  ये  अक्षर किसी  <span>पर </span> महरवान होते है :
    तो इन्शान को भगवान स्वरूप बनादेते है :
    और जानवरों को पूज्यवान बनादेते है :
    इस से जादा में आपको और क्या बताऊ :
    अबतो सायद आपकी  समझ में आगया होगा :
    कि अक्षरों की  <span>ताकत</span>  कितनी है :
    और अधिक जान्ने के लिए पड़ते रहे ;
    चौधरी अक्षर के नोट :और हर नोट पर :
    अपनी टिप्पणी करना  न  भूले :
    अधिक जानकारी के लिए हमे फोन   करे :
    फोन न 919904271497 :
    या मेल करे :
    कोपी रायट २०१०:2011
    चौधरी अक्षर ज्योतिष :
    लेखक जगदीश भाई चौधरी
    आगे  पड़े  <span>भाग </span> न दो

    {} नारी दोस भाग {२] {}


    नारी दोस भाग {२]
    नारी दोस कितने प्रकार के होते है :
    नारी दोस जो सबसे बड़ा होता है :
    वो में पहले भी बता चूका हु :
    फिर भी दुवारा समझलो :
    नारी दोस की पहचान है :
    आपके नाम का पहला अक्षर :
    जेसे आपका नाम है { राजवीर }{रामवीर }
    और आप बीबी का नाम है {कल्पना }अनीता }
    तो कल्पना का {क }और राजवीर का {र }
    दोनों को मिलाकर देखे :पहला दोस ये है :
    की पति के नाम से पहले बीबी का नाम आता है :
    जवानी में बिघवा होने का पूरा पूरा योग है :
    दूसरा इस नारी दोस में और भी पिरोवलम यह भी  है :
    कि पति के कार्य छेत्र में भी रुकाबट आती है है :
    क्यों कि पतिऔर पत्नी दोनों का सुर बंद होजाता है :
    जेसे :{रक }ये दोनों का सुर :
    इसी प्रकार का पुत्र दोस लग जाता  है :
    तो जीवन नरक के समान होजाता है :
    अगर आप एसे किसी नारी दोस से :
    परेशान है तो फोन करे फ्री सेवा  है :
    ..................................................................
    कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
    लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
    लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
    फोन न o9904271497
     ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

    नारी दोस भाग {3 }


    नारी दोस  भाग {1}{२] में जो बताया है :
    और भाग  तिन  में और भी सरल कर दिया है :
    { इ }{ ऐ }{अं } प्रकार की नारी होती है :
    हम  जो अपनी बेटियों के नाम कर्ण करते  है :
    <span>वो हम  चन्द्र राशि  के हिशाव से करते है :
    किसी का भी नाम कर्ण करते समय चन्द्र राशि के अलाबा :
    हमें अक्षर का भी ध्यान रखना जरुरी है :
    चाहे वो नाम बेटी का हो या बेटा  का  हो :
    दूकान हो या फेक्ट्री हो :
    मील  हो या मकान हो :  नाम किसी का भी हो :
    अक्षर और सुर का ध्यान  रखना जरुरी है :
    अ     इ      उ     ए      अं =
    क     ख     ग     घ      ङ =
    च     छ     ज     झ     ञ =
    ट     ठ       ड       ढ     ण =
    त    थ      द       ध      न =
    प    फ      ब       भ      म =
    य     र       ल      व    
    श     ष     स      .श्र .
     ह    क्ष     ज्ञ       त्र
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    { अ  }{ उ } {ओ }इन्शानो के अक्षर है :
    अब आप  <span>ही</span>  <span>फेसला </span> करे :
    कि इन अक्षरों पर हम अपनी बेटियों का नाम रखते  है :
    तो क्या वो अपने पति के साथ पत्नी जेसा बिव्हार  करेगी :
    जी नही वो हर बात में उसके बराबर की  रहेगी :
    अभी इन बातो  का समय नही है आगे बतायेगे :
    क्यों कि अभी यहा बात चलरही है :
    नारी दोस की तो हम नारी दोस के बारे में ही बताये :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    { अ  }{ उ } {ओ } इन्शानो के अक्षर  है :
    { इ }  {ऐ }   {अं } ये अक्षर  नारी के   है :
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    {1} पहला नारी दोस होता  है  दाया :
    {२} और दूसरा नारी दोस होता है मध्यम :
    {३} और तीसरा  नारी दोस  बाया :
    {४] और चोथा नारी दोस होता उपर का :
    {५} और पांच  माँ नारी दोस होता :
    नारी के नाम में नर के अक्षर और नर के नाम में नारी के अक्षर :
    {६] छटमाँ नारी दोस होता है :
    दोनों के नाम के अक्षर नारी के है :
    {७} सात माँ नारी दोस होता है :
    दोनों के नाम के अक्षर नर के हो :
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    और अधिक :जान्ने के लिए नारी दोस भाग चार पड़े :
    आपको हमारे लिखे नोट  केसे लगे  है :
    आपको जो नोट जेसा भी लगा  है:
    आप टिप्पणी जरुर लिखे :
    और अधिक जानकारी हम से संपर्क करे :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    लिखक :जगदीश भाई चौधरी :
    फोन न 09904271497  :
    पता  :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा  पंच महेल गुजरात {इंडिया }
    ;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;

    नारी दोस भाग {४}


    नारी  दोस भाग  {४}  में  हम  आपको बताते है :
     कुछ और नई बाते :
    अ  इ } नर योनी   है :
    उ ऐ } ये पितृ  योनी है :
    ओ  अं } ये देव योनी है :
    ये बात में पहले भी लिख चूका हु :
    हमने फिर  भी रिपीट किया क्यों कि :
    आपको समझने में कोई भी भूल न हो :
    हमारा मकसद आपके घर को आबाद करना है :
    जिससे आप अपने परवार को सही तरीके से जान सके :
    और आने बाली पेडियो को  सभाल सके :
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    अ     इ       उ       ए     अं   =
    क     ख      ग      घ      ङ    =
    च     छ     ज      झ     ञ    =
    ट      ठ      ड      ढ       ण   =
    प     फ     ब       भ      म    =
    त     थ      द      ध       न    =
    य     र      ल      व    
    श    ष      स     .श्र .
     ह   क्ष     ज्ञ      त्र
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    आप अगर देव योनी के है और आप की पतिनी नर योनी की है :
    तो क्या आपका जोड़ा सही है :
    और अगर इस का उल्टा कीया जाए तो क्या आपका जोड़ा सही है :
    दोनों तरफ मिला कर देखो :जोड़े  में कमी है है :
    स्वाभिक बात है कि घर समझोता से ही चलेगा :
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    आप नर योनी के है :और आपकी  पतिनी पितृ योनी की है :
    तो क्या आपका जोड़ा सही है :
    और अगर इस का उल्टा कीया जाए तो क्या आपका जोड़ा सही है :
    दोनों तरफ मिला कर देखो :जोड़े  में  कमी है है :
    स्वाभिक बात है कि घर समझोता से ही चलेगा :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    आप अगर पित्रु योनी के है और आपकी पतिनी भी पित्रु योनी की है :
    तो आप जोड़ा सही है :शादी  से <span>पहले :</span>
    <span>जन्म कुंली मिलाने से पहले योनी जरुर मिलाये तो :</span>
    <span>आप के बच्चे का घर हमेशा आवाद रहेगा :</span>
    <span>नर योनी है तो नर योनी :</span>
    <span>पित्रु  योनी है पित्रु योनी :</span>
    <span>देव योनी है तो देव योनी :</span>
    और अधिक जानकारी के लिए पड़े नारी दोस का भाग {५}
    <span>'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''       </span>
    लिखक :जगदीश भाई चौधरी :
    फोन न 09904271497  :
    पता  :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा  पंच महेल गुजरात {इंडिया }
    ;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;


    {} नारी दोस भाग {5 } {}


    {} नारी दोस भाग {5 } {}

    by Chaudhry Jyotish on 05 फ़रवरी 2011 को 11:57 बजे
                          {}नारी  दोस भाग {5 } में {}
    मेरे प्रिय मित्रो नारी दोस :के मेंरे  पास बहुत से भाग है :
    और भी आपके   <span>जीवन</span>  से लगती समस्याओ के बारे में :
    बहुत सी जानकारी  है :जो आपके बहुत से काम  <span>आएगी</span>  :
    आपके दुःख मय जीवन को  ख़ुशीयो में बदल ने की सकती है :
    अक्षर ज्योतिष के अंदर आप पड़ते रहे {चौधरी अक्षर  ज्योतिष }
    के हर एक  भाग को और अपने जीवन सफल बनाते रहे :
     अभी हम बात कर रहे है  {}नारी  दोस भाग {5 }
    तो चले नारी दोस  भाग नम्बर पाच में :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    नारी दोस  भाग नम्बर पाच में :
    अगर आप भी देव योनी के है :
    और आपकी बीबी भी देव योनी की है :
    और फिर भी नारी दोस लगता है :
    तो क्या होगा :ये बात तो में पहले  ही <span>लिख </span> चूका हु :
    कि नारी दोस केसा भी हो हानिकारक होता है
    आपको अगर नारी दोस है तो हमारे पास इसका उपाय भी :
    और बिल कुल  फ्री है :
    नारी दोस का उपाय :अक्षरों के हिसाब से ही किया जाता है :
    और योनी के हिसाब से किया जाता है :
    एक ही उपाय हर  इन्शान   पर <span>लागु</span>  नही होता :


    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    आप देव नर योनी के है
    और आपकी बीबी देवे नारी योनी की है :
    और नारी दोस न हो तो
    आपका जोड़ा देवताओ से भी अच्छा होगा :
    क्यों कि अभी तक देवताओ में भी एसा जोड़ा नही बना है :
    आप अगर  एसा जोड़ा बनाएगे तो प्रथ्वी पर सुर्ग होगा   :
    और उस सुर्ग के मालिक आप होगे :
    तीनो लोको से प्यारा आपका घर होगा :
    में मानता हु कि एसा जोड़ा बनाना लोखन के चना चबाने के बराबर है:
    मगर आप बना सकते है क्यों कि आप नर है :और नर ही नारायण है :
    और नारायण कुछ भी कर सकते है :
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    अ     इ    उ     ए    अं =
    क   ख     ग     घ    ङ =
    च   छ    ज     झ    ञ =
    ट   ठ      ड      ढ     ण =
    प   फ    ब       भ    म =
    त   थ    द       ध    न =
    य   र    ल       व    
    श   ष    स     .श्र .
     ह   क्ष   ज्ञ     त्र
     ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
      ऐसे ही पितृ नर योनी बाले :
    पितृ नारी योनी बाली लड़की के साथ शादी करे :
    और ऐसे ही नर योनी बाले :
    नर योनी बाली लड़की के साथ शादी करे :
    भारत  पर नये सुर्ग का निर्माण कर :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    अक्षर ज्योतिष के :
    लेखक  :जगदीश भाई चौधरी :
    फोन न 09904271497  :
    पता  :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा  पंच महेल गुजरात {इंडिया }
    ;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;



    {} नारी दोस भाग {6}घर को स्वर्ग केसे बनाये उपाय {}


    {} नारी दोस भाग {6}घर को स्वर्ग केसे बनाये {}
    आपको अगर नारी दोस है तो हम  से सम्पर्क करे :
    और आप अगर अपने बच्चे की शादी करते है :
    तो उसका उपाय ये है :
    आपका बच्चा किस योनी का   है   :
    और उसका नाम  क्या है :
    जिस लड़की के साथ शादी करना चाहते हो :
    वो  लड़की किस योनी की है :
    और उस लड़की का नाम क्या है :
    या तो शादी से पहले हम से सम्पर्क करे :
    या फिर अपने आप इस तरीके से देखे :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    अ उ ओ :ये नर  योनो  है :
    इ ऐ अं :ये नारी योनी है :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
                    {}   इन्शानो के नाम के अक्षर इस तरह से है :{}
    नर योनी के अक्षर ये है :
    अ आ   क च ट त प य श ह :ये अक्षर नर योनी के है :
    और पित्रू योनी के अक्षर ये है :
    ग ज ड द ब ल स ज्ञ : ये अक्षर पित्रू योनी के है :
    और ये देव योनी के अक्षर है :
    ओ ऑ :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
     लेड़ीजो के नाम के अक्षर ये है :इस तरह से है :
    इ ई उ ऊ  ख छ ठ थ फ र ष त्र  : नर नारी  योनी के :
    और ये पित्रू योनी के अक्षर है :
     ऐ ऍ  घ  झ ढ़ ध भ व श्र . पित्रू  नारी योनी के अक्षर है :
    अं ड़ ण न म  :ये देव नारी योनी के अक्षर है :
    अभी भी आपकी समझ में नही आरहा है तो :
    हम से सम्पर्क कर सकते है :
    फ्री सेवा है :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    अक्षर ज्योतिष के :
    लेखक  :जगदीश भाई चौधरी :
    फोन न 09904271497  :
    पता  :हेनी गारमेंट परा बजार लुनावाडा  पंच महेल गुजरात {इंडिया }
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    {} पुत्र दोस भाग {१}


    मेरे प्रिय दोस्तों :
    मेरे और  हाथ पैर दोनों ही  कांपते है:
    जब में इन दोसो के बारे में लिखता हु तो :
    चाहे वो पुत्र दोस हो :
    या नारी दोस हो या मकान दोस हो :
    या जन्म जात दोस हो
    किसी संत ने सही ही कहा है :
    की ज्ञान होना बहुत अच्छा है :
    मगर ज्ञान न होना भी सब से अच्छा है :
    में लिखता हु तो भी पछिताता हु :
    और में नही लिखता हु तो जादा पछिताता हु :
    इस लेख : को पड़ने बाले सभी भाई और बहनों से :
    मुझ से बड़े बुजर्गो से और मेरे बराबर के मित्रो से :
    मेरी हाथ जोड़ कर सब से बिनती है :
    आप हमे अपनी राय जरुर लिखे :
    और मुझ से छोटे  भी अपनी राय जरुर  लिखे :
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    विश्व के सभी नर और नारी अपने इश्वर  से :
    यही प्रार्थना  करते कि हे इश्वर हमे  बेटा दे :
    जिससे हमारा बंस आगे बड़े :
    हमारा नाम न दुबे :
    और में फिर भी पुत्र दोस  के बारे में लिख रहा हु :
    आप खुद ही समझ गये  होगे कि मेरे कितने हाथ कांपते होगे :
    मगर पुत्र दोस के कारण कितने घर उजड़े हुये है :
    और कितने माँ बाप दुःख पारहे है :पुत्र दोस के कारण :
    जब तक आप और हम इस पुत्र दोस का सुधर नही करेगे :
    तब तक घर उजड़ ते ही रहेगे :
    इसी लिए पुत्र दोस का समाधान करना ही होगा :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    आज हम आपको बताते  है :कि पुत्र दोष लगता केसे है :
    पुत्र दोष भी नारी दोष की  <span>तरह </span> :है :
    बेसे पुत्र दोष होते तो बहुत प्रकार के है :
    और नारी दोष भी बहुत प्रकार के होते है :
    बसे नारी दोष के कुछ भाग हम पहले लिख चुके है :
    और पुत्र दोष के बारे में आज हम आप को बता रहे है :
    और अगले भाग में हम आपको बतायेगे जन्म जात दोष के बारे में :
    मगर हम आज आपको कुछ   ही प्रकार के पुत्र दोष के बारे में बतायगे :
    बाकी आप हमारी किताब { चौधरी अक्षर ज्योतिष }
    को मगाकर पड़ सकते है :और अपने घर को खुश मय बना सकते है :
    माता पिता दोनों के नाम के पहले अक्षर से पहले :
    बेटे के नाम का अक्षर आये तो मानो आपको बहुत ही भारी पुत्र दोष है :
    माता पिता दोनों को ही भारी है :
    और पिता के नाम के पहले अक्षर से पहले :
    बेटे के नाम का अक्षर आएतो पिता को भारी है :
    और माता के नाम के पहले अक्षर से :
    बेटे के नाम का अक्षर आएतो माता  को भारी है :
    और ये दोष कितना भारी है ये बेटे का नाम देख कर ही :
    पता चल सकता है :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    अगर आपको  या आपके कोई रिश्तेदार को ये दोष है :
    तो हम से सम्पर्क के :
    फ्री चार्ज है सभी के लिए :
    परेशान न हो  फोन करे फ्री सेवा  है :
    कोई भी प्रकार का ज्योतिष चार्ज नही है :
    '''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
    लेखक :जगदीश भाई चौधरी :
    लुनावाडा परा बजार गुजरात {इंडिया }
    फोन न ओ९९०४२७१४९७                        
    ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

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